


ताजमहल कहां है? यह सवाल जितनी बार जहन में आत है उतनी बार एक ही जवाब जुबान पर आता है और वो है आगरा। लेकिन यह बात जान कर आपको हैरानी होगी कि भारत में एक नहीं तीन ताजमहल हैं।
विशेषज्ञों से बातचीत के दौरान पता चला कि मुगल बादशाह शाहजहां को ताजमहल बनवाने का खयाल अपने पिता जहांगीर की बेगम नूरजहां के पिता एतमादुद्यौला का मकबरा देख कर आया था। यमुना नदी के किनारे स्थित इस मकबरे का निर्माण 1625 में किया गया था। बेबी ताज के नाम से मशहूर इस मकबरे की कई चीजों का इस्तेमाल शाहजहां ने ताजमहल बनवाते समय किया था। विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि यही वह मकबरा है जो भारत में पहला ऐसा मकबरा था जो पूरी तरह सफेद संगमरमर से बनाया गया था।
इतिहास के पन्नों को पलटने पर पता चलता है कि इस मकबरे को देख कर मुमताज ने शाहजहां से अपनी मृत्यु के बाद ऐसा ही खूबसूरत मकबरा बनवाने की गुजारिश की थी। जो मुमताज की मृत्यु के बाद शाहजहां ने आगरा में बने भव्य ताजमहल को बनवा कर पूरी कर दी थी।
इस तरह देखा जाए तो ताजमहल और बेबी ताज को मिला कर भारत में दो ताजमहल हैं। लेकिन विशेषज्ञों की माने तो भारत में तीसरा ताजमहल भी है। और वह महाराष्ट्र के औरंगाबाद शहर में । इस ताजमहल को मिनी ताजमहल के नाम से जाना जाता है। जबकी इसका वास्तविक नाम बीबी का मकबरा है। यह शाहजहां के सुपुत्र औरंगजेब की बेगम साहिबा की समाधि है।
इस मकबरे को देख कर आप हैरान रह जाएंगे क्योंकि इसे बाहर से देखने पर यह बिलकुल ताजमहल की कार्बन कॉपी लगता है। बताया जाता है कि इस मकबरे को औरंगजेब ने ताजमहल के निर्माण के बाद बचे हुए सामान से बनवाया था। गौरतलब है कि औरंगजेब ने अपने अय्याश पिता शाहजहां को ताजमहल के सामने बने लालकिले मे नजरबंद कर दिया था। जिसके बाद ही उसने अपनी बेगम के लिए यह मकबरा बनवाया था।
सूचना-
आने वाली 18 फरवरी से ताज महोत्सव शुरू होने वाला है। इस उत्सव के दौरान दैनिक भास्कर.कॉम ताजमहल के इतिहास और उससे जुड़ी कुछ रोचक बातों से अपने पाठकों को रू-ब-रू करवाने का प्रयास करेगा। पाठकों से गुजारिश है कि वह भी ताजमहल से जुड़े अपने अनुभव और तस्वीरों को हमसे बांटे। हम आपके अनुभवों और तस्वीरों को वेबसाईट पर आपके नाम से पब्लिश करेंगे। अपने अनुभवों और तस्वीरों को (news@imcl.co.in)
यह औरंगाबाद, महाराष्ट्र में स्थित है। यह मकबरा अकबर एवं शाहजहाँ के काल के शाही निर्माण से अंतिम मुगलों के साधारण वास्तुकला के परिवर्तन को दर्शाता है। ताजमहल से तुलना के कारण ही यह उपेक्षा का कारण बना रहा। सम्राज्ञी नूरजहां ने अपने पिता की स्मृति में आगरा में एतमादुद्दौला का मकबरा बनवाया था। यह उसके पिता घियास-उद-दीन बेग़, जो जहांगीर के दरबार में मंत्री भी थे, की याद में बनवाया गया था।
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