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सोमवार, 31 जनवरी 2011

बढ़ी कमाई, निगल गई महंगाई

ऎसे समय जब खाने पीने की वस्तुओं के दाम आसमान छू रहे हैं और खाद्य मुद्रास्फीति 15 प्रतिशत से ऊपर बनी हुई है तब एक संशोधित अनुमान में देश की प्रति व्यक्ति आय एक साल पहले के मुकाबले 14.5 प्रतिशत बढ़कर 46,492 रूपए सालाना हो
गई है।

सकल राष्ट्रीय आय को 117 करोड़ भारतीयों में बराबर बांटने पर प्रति व्यक्ति आय का यह आंकड़ा आया है। केन्द्रीय सांख्यिकी संगठन (सीएसओ) के ताजा अनुमान के अनुसार वर्तमान बाजार मूल्यों पर प्रति व्यक्ति आय के ये आंकड़े पिछले अनुमान की तुलना में करीब 2,000 रूपए अधिक हैं। इससे पहले 44,345 रूपए सालाना प्रति व्यक्ति आय का अनुमान लगाया गया था।

3875 रूपए मासिक
देश की जनसंख्या मार्च 2010 में 117 करोड़ हो गई। ताजा आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2009-10 में देश की प्रति व्यक्ति आय इससे पिछले साल की तुलना में 14.5 प्रतिशत बढ़कर 46,492 रूपए हो गई। यह पूर्व वर्ष में औसतन 40,605 रूपए आंकी गई थी। मासिक आधार यह आय 3384 रूपए से बढ़कर 3875 रूपए प्रति माह बैठती है।

हालांकि, अगर 2004-05 की कीमतों के आधार पर गणना की जाए तो प्रति व्यक्ति आय में 2009-10 में केवल छह प्रतिशत की वृद्धि देखने को मिलती है। इन कीमतों के आधार पर वित्त वर्ष 2010 में प्रति व्यक्ति आय 31,801 रूपए रही। मौजूदा कीमतों के आधार पर अर्थव्यवस्था का आकार बीते वित्त वर्ष में 16.1 प्रतिशत बढ़कर 61,33,230 करोड़ रूपए हो गया।

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