अंबेडकर नगर अंबेडकर नगर जिले के उतरेथू बाजार स्थित एक निजी विद्यालय ने राष्ट्रगान की शब्दावली बदल डाली। प्रबंधक द्वारा संशोधित राष्ट्रगान पिछले एक माह से प्रार्थना के समय गाया जा रहा है। वहीं, एडीएम एसपी आनंद कहते हैं कि राष्ट्रगान में बदलाव अक्षम्य है। यह राष्ट्र का अपमान है। जांच कराकर दोषियों पर कठोर कार्रवाई करेंगे। बीएसए राकेश कुमार का कहना है कि राष्ट्रगान में बदलाव की बात सही निकली तो विद्यालय की मान्यता समाप्त कर दी जाएगी। जिला मुख्यालय से 20 किमी दूर स्थित उतरेथू बाजार राहतनगर में लार्ड बुद्धा अंबेडकर अर्जक मिशन नामक पब्लिक स्कूल है। बेसिक शिक्षा परिषद से पांचवी तक मान्यता प्राप्त इस स्कूल में 400 बच्चे पंजीकृत हैं। तकरीबन एक माह पहले विद्यालय के प्रबंधक रघुनाथ सिंह ने राष्ट्रगान की कुछ पंक्तियों के शब्दों को बदल दिया। छात्र विद्यालय की प्रार्थना में अब संशोधित राष्ट्रगान गा रहे हैं। राष्ट्रगान की दूसरी पंक्ति में उल्लिखित अधिनायक शब्द की जगह उत्प्रेरक शब्द का उच्चारण हो रहा है, तीसरी पंक्ति के भारत भाग्य विधाता को बदले स्वरूप में स्वर्णिम भारत निर्माण कहा जा रहा है। तव शुभ आशिष मांगे को तब शुभ कामना मांगे गाया जा रहा है। अंत में जय हे के पश्चात जय लार्ड बुद्धा कहकर राष्ट्रगान समाप्त किया जाता है। प्रबंधक रघुनाथ सिंह ने राष्ट्रगान में संशोधन को राष्ट्र के प्रति निष्ठा व आजादी का प्रतीक बताया है। उन्होंने कहा, अधिनायक शब्द राजा को संबोधन के लिए था। अब हम स्वतंत्र हैं। प्रजातंत्र में अधिनायक शब्द के कोई मायने नहीं। वह अन्य शब्दों में भी बदलाव को सही बताते हैं। वे इसे राष्ट्र का अपमान नहीं बल्कि स्वाभिमान मानते हैं।
-----------------------------
कोटद्वार (पौड़ी गढ़वाल) उत्तराखंड-उत्तर प्रदेश के बीच दस साल से लटके संपत्ति बंटवारे का ही नतीजा है कि स्कूल को मान्यता उत्तराखंड ने दी है और उसका संचालन कर रहा है यूपी का सिंचाई विभाग। परिसंपत्तियों को लेकर दोनों राज्यों के बीच की तनातनी का खामियाजा भुगत रहे हैं स्कूल में पढ़ने वाले 155 बच्चे, जिन्हें मिडडे मील के रूप में दो मुट्ठी चावल तक नसीब नहीं। उत्तराखंड के पौड़ी जिले में स्थित कालागढ़ के रामगंगा परियोजना प्राथमिक विद्यालय की विभिन्न कक्षाओं में तकरीबन 155 बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। कभी एशिया के सबसे बड़े स्कूल का तमगा पा चुके इस विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र-छात्राएं गरीब परिवारों से ताल्लुक रखते हैं। 90 फीसदी बच्चे अनुसूचित जाति/जनजाति/ पिछड़ा वर्ग से हैं, लेकिन उन्हें केंद्र सरकार की मिडडे मील योजना का लाभ हासिल नहीं है, क्योंकि स्कूल दो राज्यों की कश्मकश का शिकार है। उत्तराखंड शिक्षा विभाग के अधिकारी कह रहे हैं कि उनके यहां से सिर्फ मान्यता दी गई है। जाहिर है मिड-डे मील उनकी जिम्मेदारी नहीं। यूपी सिंचाई विभाग के अफसरों का कहना है कि वे उप्र शासन को प्रस्ताव भेज चुके हैं कि स्कूल को शिक्षा विभाग अपने अधीन ले ले, लेकिन शासन से इसका कोई जवाब नहीं आया। बच्चों को क्या पता कि उनकी भाग्य विधाता बनीं सरकारें क्या गुल खिला रही हैं। बड़ों के बीच चल रहे मनमुटाव का
भारत प्यारा देश हमारा, इसकी सूचनाएं और जानकारी हम देंगे
भारत प्यारा देश हमारा, इसकी सूचनाएं और जानकारी हम देंगे
पृष्ठ
रविवार, 20 फ़रवरी 2011
बुधवार, 16 फ़रवरी 2011
एकादशी को चावल न खाएं
एकादशी के दिन चावल न खाने के संदर्भ में यह जानना आवश्यक है कि चावल और अन्य अन्नों की खेती में क्या अंतर है। यह सर्वविदित है कि चावल की खेती के लिए सर्वाधिक जल की आवश्यकता होती है। एकादशी का व्रत इंद्रियों सहित मन के निग्रह के लिए किया जाता है। ऎसे में यह आवश्यक है कि उस वस्तु का कम से कम या बिलकुल नहीं उपभोग किया जाए जिसमें जलीय तत्व की मात्रा अधिक होती है। कारण-चंद्र का संबंध जल से है। वह जल को अपनी ओर आकर्षित करता है।
यदि व्रती चावल का भोजन करे तो चंद्रकिरणें उसके शरीर के संपूर्ण जलीय अंश को तरंगित करेंगी। परिणाम व्रत से गिर जाएगा या जिस एकाग्रता से उसे व्रत के अन्य कर्म-स्तुति पाठ जप श्रवण एवं पननादि करने थे; उन्हें सही प्रकार से नहीं कर पाएगा। ज्ञातव्य हो कि औषधि के साथ पथ्य का भी ध्यान रखना आवश्यक होता है।
क्यो करते हैं एकादशी का व्रत
आपने कई लोगों को एकादशी का व्रत करते हुए देखा होगा। लेकिन क्या आपको पता है एकादशी का व्रत क्यो किया जाता है। शास्त्रों में कहा गया है- कि आत्मा को रथी मानो, शरीर का रथ और बुद्धि को सारथी मानो। इनके संतुलित व्यवहार से ही श्रेय की प्राप्ती होती है। इसके लिए इन्द्रियों का वश में होना और मन पर लगाम होना आवश्यक है।
ऋषियौं ने इस इन्द्रियौं के बाद मन को भी ग्यारहवीं इन्द्रिय माना है। इसलिए इन्द्रियों की कुल संख्या 11 होती है। एकादशी तिथि के दिन यदि मनोनिग्रह की साधना की जाए तो वह सद्य: फलवती सिद्ध हो सकती है। इसी वैज्ञानिक आशय से ही एकादशेन्द्रियभूत मन को एकादशी तिथि के दिन धर्मानुष्ठान एवं व्रतोपवास द्वारा निग्रहीत करने का विधान किया गया है। अर्थात एकादशी व्रत करने का अर्थ है- अपनी इन्द्रियों पर निग्रह करना।
यदि व्रती चावल का भोजन करे तो चंद्रकिरणें उसके शरीर के संपूर्ण जलीय अंश को तरंगित करेंगी। परिणाम व्रत से गिर जाएगा या जिस एकाग्रता से उसे व्रत के अन्य कर्म-स्तुति पाठ जप श्रवण एवं पननादि करने थे; उन्हें सही प्रकार से नहीं कर पाएगा। ज्ञातव्य हो कि औषधि के साथ पथ्य का भी ध्यान रखना आवश्यक होता है।
क्यो करते हैं एकादशी का व्रत
आपने कई लोगों को एकादशी का व्रत करते हुए देखा होगा। लेकिन क्या आपको पता है एकादशी का व्रत क्यो किया जाता है। शास्त्रों में कहा गया है- कि आत्मा को रथी मानो, शरीर का रथ और बुद्धि को सारथी मानो। इनके संतुलित व्यवहार से ही श्रेय की प्राप्ती होती है। इसके लिए इन्द्रियों का वश में होना और मन पर लगाम होना आवश्यक है।
ऋषियौं ने इस इन्द्रियौं के बाद मन को भी ग्यारहवीं इन्द्रिय माना है। इसलिए इन्द्रियों की कुल संख्या 11 होती है। एकादशी तिथि के दिन यदि मनोनिग्रह की साधना की जाए तो वह सद्य: फलवती सिद्ध हो सकती है। इसी वैज्ञानिक आशय से ही एकादशेन्द्रियभूत मन को एकादशी तिथि के दिन धर्मानुष्ठान एवं व्रतोपवास द्वारा निग्रहीत करने का विधान किया गया है। अर्थात एकादशी व्रत करने का अर्थ है- अपनी इन्द्रियों पर निग्रह करना।
postmoderm
कानपुर पोस्टमार्टम हाउस के बाहर पहुंचते ही भले ही हर कोई हवा में उड़ने वाली बदबू से बचने के लिए नाक पर रुमाल रख लेता हो, लेकिन जरा उन चिकित्सकों के बारे में सोचिए जो कई बार हफ्ते भर पुराने सड़े-गले शवों का पोस्टमार्टम कर सही तथ्यों तक पहुंचने का पुरजोर प्रयास करते हैं। लेकिन इस महत्वपूर्ण काम के लिए अगर मात्र दस रुपये भत्ता मिलता हो तो लापरवाही भरा रवैया आने से भला कौन रोक सकता है। सूबे में पिछले 26 वर्षो से चिकित्सकों को एक शव के पोस्टमार्टम का सिर्फ 10 रुपये भत्ता दिया जा रहा है, जबकि केंद्र सरकार एक शव के पोस्टमार्टम के लिए अपनी सेवाओं में तैनात चिकित्सक को एक हजार रुपये भत्ता देती है। शवों के पोस्टमार्टम में इतना कम भत्ता मिलने के चलते पीएमएस संवर्ग के चिकित्सकों ने बीते एक दशक से यह भत्ता लेना ही बंद कर रखा है। नगर क्षेत्र में तैनात सरकारी चिकित्सकों की रोटेशन के आधार पर सीएमओ द्वारा पोस्टमार्टम ड्यूटी लगायी जाती है। लेकिन संबंधित चिकित्सकों द्वारा लंबे समय से भत्ता नहीं लेने के बावजूद अभी तक किसी भी जिम्मेदार ने इस मामले में कोई पहल नहीं की है। जीएसवीएम मेडिकल कालेज से सम्बद्ध हैलट अस्पताल स्थित पोस्टमार्टम हाउस में औसतन हर साल 3,200 शवों का पोस्टमार्टम किया जाता है। इस हिसाब से पिछले दस साल में चिकित्सकों का शवों के पोस्टमार्टम की मद में 32,000 रुपया बकाया है। पोस्टमार्टम भत्ते को लेकर सरकार की उदासीनता व उपेक्षा के बाद भी चिकित्सकों ने कभी किसी शव का पोस्टमार्टम करने से मना नहीं किया है। इस संबंध में उनका कहना है कि रिश्तेदार या करीबी की मौैत से यहां आने वाले परिजन पहले ही परेशान व मजबूर होते हैं। तकलीफ न हो, इसलिए कभी इस मुद्दे पर काम रोकने जैसा विचार ही नहीं आया। 1984 का शासनादेश न्यायिक प्रक्रिया में पोस्टमार्टम रिपोर्ट के लिए चिकित्सकों का भत्ता वर्ष 1984 के आदेश से निर्धारित किया गया था। उस समय पेट्रोल की कीमत छह रुपये प्रति लीटर थी जो अब 60 रुपये प्रति लीटर पहुंच गयी है। लेकिन भत्ता नहीं बढ़ा है, इसी कारण चिकित्सकों ने लेना बंद कर दिया है। -डॉ के स्वरूप, अध्यक्ष पीएमएस संवर्ग कानपुर। प्रति शव पोस्टमार्टम भत्ता।
वैश्याएं भी हुई फेसबुक की दीवानी
सोशल नेटवर्किग साइट का क्रेज इतना बढ़ता जा रहा है कि अब कॉलगर्ल भी इससे अछूती नहीं रही हैं। एक सर्वे में सामने आया है कि लगभग 83 प्रतिशत वैश्याओं के फेसबुक अकाउंट हैं और वे इसके जरिए ही अपने ग्राहकों को लुभा रही हैं।
कोलंबिया यूनिवर्सिटी में सोशियोलॉजी के प्रोफेसर सुधीर वेंकटेस ने हाल ही में एक सर्वे कराया जिसमें फेसबुकसे जुड़े कुछ रोचक तथ्य सामने आए। सर्वे के मुताकि लगभग 83 प्रतिशत प्रोस्टिटयूट के फेसबुक अकाउंट है और वे इसके जरिए गब्राहकों को लुभाने की कोशिश करती हैं। वेंकटेश के मुतबिक इस साल के अंत तक फेसबुक सेक्स वर्कर के लिए सौदेबाजी का प्रमुख जरिया बन जाएगा। इस सर्वे को "वायर्ड" पत्रिका के फरवरी 2011 के अंक में छापा जाएगा।
सर्वे के अनुसार 2008 तक केवल 25 प्रतिशत कॉलगर्ल ही फेसबुक के जरिए अपने ग्राहकों की सेटिंग करती थी। लेकिन दो साल के भीतर ही इस आंकड़े मे जबरदस्त उछाल आया है। सर्वे के अनुसार वेश्यांए स्मार्टफोन के जरिए ही फेसबुक का इस्तेमाल करती हैं इनमें से लगभग 70 फीसदी वेश्याएं ब्लेकबेरी और लगभग 19 फीसदी एप्पल के स्मार्टफोन के जरिए फेसबुक का इस्तेमाल करती हैं।
कोलंबिया यूनिवर्सिटी में सोशियोलॉजी के प्रोफेसर सुधीर वेंकटेस ने हाल ही में एक सर्वे कराया जिसमें फेसबुकसे जुड़े कुछ रोचक तथ्य सामने आए। सर्वे के मुताकि लगभग 83 प्रतिशत प्रोस्टिटयूट के फेसबुक अकाउंट है और वे इसके जरिए गब्राहकों को लुभाने की कोशिश करती हैं। वेंकटेश के मुतबिक इस साल के अंत तक फेसबुक सेक्स वर्कर के लिए सौदेबाजी का प्रमुख जरिया बन जाएगा। इस सर्वे को "वायर्ड" पत्रिका के फरवरी 2011 के अंक में छापा जाएगा।
सर्वे के अनुसार 2008 तक केवल 25 प्रतिशत कॉलगर्ल ही फेसबुक के जरिए अपने ग्राहकों की सेटिंग करती थी। लेकिन दो साल के भीतर ही इस आंकड़े मे जबरदस्त उछाल आया है। सर्वे के अनुसार वेश्यांए स्मार्टफोन के जरिए ही फेसबुक का इस्तेमाल करती हैं इनमें से लगभग 70 फीसदी वेश्याएं ब्लेकबेरी और लगभग 19 फीसदी एप्पल के स्मार्टफोन के जरिए फेसबुक का इस्तेमाल करती हैं।
मंगलवार, 15 फ़रवरी 2011
दुनिया के 10 सबसे बड़े सेक्सबाज
'टाइम पत्रिका' की एक नई सूची से अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन और एक समय में उनकी महिला मित्र रही मोनिका लेविंस्की के चर्चे एक बार खास ओ आम की जबान पर आ सकते हैं। टाइम पत्रिका ने दुनिया के 10 सबसे बड़े सेक्सबाज नेताओं की सूची तैयार की है, जिसमें सातवें स्थान पर क्लिंटन को रखा गया है।
गौर करने वाली बात यह है कि आए दिन महिलाओं के साथ अपने संबंधों को लेकर सुखिर्यों में बने रहने वाले इटली के प्रधानमंत्री सिल्वियो बलरुस्कोनी का नाम इस सूची में शामिल ही नहीं है, जबकि सूची जारी होने के दो दिन पहले ही मिस्र की जनक्रांति से प्रेरित होकर इटली की महिलाएँ रंगीनमिजाज बलरुस्कोनी के खिलाफ सड़कों पर उतर आईं थीं।
FILE
‘टाइम’ की इस सूची में पहला स्थान साउथ कैरोलिना के पूर्व गवर्नर मार्क सैनफोर्ड को मिला है। 2012 के राष्ट्रपति चुनाव में इस पद के प्रत्याशी माने जा रहे सैनफोर्ड के एक साल से अर्जेंटीना की एक महिला के साथ प्रेम संबंध थे।
दूसरे नंबर पर सीनेटर जॉन एनसाइन हैं, जिनका एक साल तक अपनी एक प्रचार कर्मचारी से प्रेम संबंध चला। सूची में तीसरा स्थान लुईसियाना के सीनेटर डेविड विटर ने पाया है, जो प्रांत की हाईप्रोफाइल कॉलगर्ल्स के नेटवर्क में काफी लोकप्रिय थे।
डेट्राइट के पूर्व मेयर क्वामे किलपैट्रिक ने इस सूची में चौथा स्थान बनाया है। मेयर के प्रांत की एक अधिकारी के साथ लंबे समय से संबंध थे। सीनेटर लैरी क्रेग को हवाईअड्डे के बाथरुम में एक महिला कर्मचारी के साथ अनुचित आचरण करने के लिए इस सूची में पाँचवे स्थान पर शामिल किया गया है। क्रेग ने अपना दोष स्वीकार कर लिया, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
डेमोक्रेटिक सांसद बार्ने फ्रैंक के एक पुरुष सेक्सकर्मी के साथ संबंध उजागर होने के बाद उन्हें टाइम ने अपनी सूची में छठे स्थान पर रखा है। सूची में सातवाँ स्थान पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन को मिला है, जिनके मोनिका लेविंस्की के साथ संबंध लिखित संदेशों के माध्यम से उजागर हुए थे।
टाइम ने सबसे बड़े सेक्स स्कैंडलबाजों की सूची में आठवें स्थान पर पूर्व सीनेटर और राष्ट्रपति पद के प्रत्याशी गैरी हार्ट को रखा है। इस खुलासे के बाद हार्ट ने राष्ट्रपति पद की दौड़ से हटने की घोषणा कर दी। सूची के नौवें स्थान पर न्यूयार्क के पूर्व गवर्नर एलियोट स्पिट्जर काबिज हुए हैं, जो वेश्यावृत्ति का हाईप्रोफाइल धंधा चलाते थे।
टाइम की इस सूची में सबसे नीचे एक समय में राष्ट्रपति पद के प्रत्याशी रहे जॉन एडवर्डस हैं, जिनके एक उभरती हुई अभिनेत्री से संबंधों का 2008 में खुलासा हुआ। एडवर्डस को ‘पीपुल’ पत्रिका ने 2000 में ‘सबसे सेक्सी नेता’ चुना था।
गौर करने वाली बात यह है कि आए दिन महिलाओं के साथ अपने संबंधों को लेकर सुखिर्यों में बने रहने वाले इटली के प्रधानमंत्री सिल्वियो बलरुस्कोनी का नाम इस सूची में शामिल ही नहीं है, जबकि सूची जारी होने के दो दिन पहले ही मिस्र की जनक्रांति से प्रेरित होकर इटली की महिलाएँ रंगीनमिजाज बलरुस्कोनी के खिलाफ सड़कों पर उतर आईं थीं।
FILE
‘टाइम’ की इस सूची में पहला स्थान साउथ कैरोलिना के पूर्व गवर्नर मार्क सैनफोर्ड को मिला है। 2012 के राष्ट्रपति चुनाव में इस पद के प्रत्याशी माने जा रहे सैनफोर्ड के एक साल से अर्जेंटीना की एक महिला के साथ प्रेम संबंध थे।
दूसरे नंबर पर सीनेटर जॉन एनसाइन हैं, जिनका एक साल तक अपनी एक प्रचार कर्मचारी से प्रेम संबंध चला। सूची में तीसरा स्थान लुईसियाना के सीनेटर डेविड विटर ने पाया है, जो प्रांत की हाईप्रोफाइल कॉलगर्ल्स के नेटवर्क में काफी लोकप्रिय थे।
डेट्राइट के पूर्व मेयर क्वामे किलपैट्रिक ने इस सूची में चौथा स्थान बनाया है। मेयर के प्रांत की एक अधिकारी के साथ लंबे समय से संबंध थे। सीनेटर लैरी क्रेग को हवाईअड्डे के बाथरुम में एक महिला कर्मचारी के साथ अनुचित आचरण करने के लिए इस सूची में पाँचवे स्थान पर शामिल किया गया है। क्रेग ने अपना दोष स्वीकार कर लिया, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
डेमोक्रेटिक सांसद बार्ने फ्रैंक के एक पुरुष सेक्सकर्मी के साथ संबंध उजागर होने के बाद उन्हें टाइम ने अपनी सूची में छठे स्थान पर रखा है। सूची में सातवाँ स्थान पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन को मिला है, जिनके मोनिका लेविंस्की के साथ संबंध लिखित संदेशों के माध्यम से उजागर हुए थे।
टाइम ने सबसे बड़े सेक्स स्कैंडलबाजों की सूची में आठवें स्थान पर पूर्व सीनेटर और राष्ट्रपति पद के प्रत्याशी गैरी हार्ट को रखा है। इस खुलासे के बाद हार्ट ने राष्ट्रपति पद की दौड़ से हटने की घोषणा कर दी। सूची के नौवें स्थान पर न्यूयार्क के पूर्व गवर्नर एलियोट स्पिट्जर काबिज हुए हैं, जो वेश्यावृत्ति का हाईप्रोफाइल धंधा चलाते थे।
टाइम की इस सूची में सबसे नीचे एक समय में राष्ट्रपति पद के प्रत्याशी रहे जॉन एडवर्डस हैं, जिनके एक उभरती हुई अभिनेत्री से संबंधों का 2008 में खुलासा हुआ। एडवर्डस को ‘पीपुल’ पत्रिका ने 2000 में ‘सबसे सेक्सी नेता’ चुना था।
शनिवार, 12 फ़रवरी 2011
भारत की जनगणना
१ अप्रैल २०१० को भारत की प्रथम नागरिक राष्ट्रपति और उप राष्ट्रपति की गिनती के साथ भारत की पन्द्रवी
जनगणना आरंभ हो गई। इस बार जाति आधारित जनगणना कराई जाएगी। जो जून २०१० से सितम्बर २०११ तक
चलेगी। १८७२ में से ही भारतीय जनगणना देश में जनसंखया आर्थिक गतिविधि, साक्षरता और शिक्षा, आवासीय गृह
और घरेलू सुविधाओं, शहरीकरण, जन्म और मृत्युदर, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति, भाषा, धर्म, पलायन,
अपंगता और अनेक दूसरे सामाजिक-सांस्कृतिक जनसंखयीय आंकडों का स्त्रोत रही है। जनगणना में लोगों से
पूछी गई व्यक्तिगत सभी जानकारियां पूरी तरह गोपनीय रखी जाती हैं कोर्ट भी इसमें दखल नही दे सकता।
इस बार जनगणना का कार्य दो चरणों में हो रहा है। पहला चरण आवास सूची और आवास जनगणना का है।
जो अप्रैल से जुलाई २०१० के बीच पूरा किया जाएगा। दूसरा चरण आबादी की गणना का है जो पूरे देश में एक
साथ नौ से २८ फरवरी २०१० के बीच होगा।
३५ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के ६४० जिलों, ५७६७ तहसीलों, ७७४२ कस्बों और छः लाख से अधिक गांवों मे
यह जनगणना २५ लाख कर्मियों द्वारा की जाएगी। जनगणना में ६४ करोड़ जनगणना फार्म और ५० लाख निर्देश
मैनुयल फार्म को छापने के लिए १२००० मैट्रिक टन कागज लगेगा। जनगणना फार्म १८ भाषाओं में छपेगें।
भारत में जनगणना संविधान के जनगणना एक्ट १९४८ और जनगणना नियम १९९० के तहत की जाती है।
युनीक आइडेंटीफिकेशन कार्ड
२९ सितंबर २०१० को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने माहराष्ट्र के नंदरबार जिले में तेभ्ली गांव में १० आदिवासियों को
१२ अंकों का युनिक आइडेंटिफिकेशन कार्ड यानि यूआईडी नंबर वितरित कर इस योजना की शुरुआत की। इस
परियोजना के अध्यक्ष नंदन नीलेकणी हैं।
२९ सितंबर २०१० को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने माहराष्ट्र के नंदरबार जिले में तेभ्ली गांव में १० आदिवासियों को
१२ अंकों का युनिक आइडेंटिफिकेशन कार्ड यानि यूआईडी नंबर वितरित कर इस योजना की शुरुआत की। इस
परियोजना के अध्यक्ष नंदन नीलेकणी हैं।शुक्रवार, 11 फ़रवरी 2011
वैलेटाइन डे स्पेशल- बस प्यार की बातें
वेलेंटाइन डे का नवयुवकों और नवयुवतियों को बेसब्री से इंतजार रहता है। वेलेंटाइन डे पर लोग अपने प्यार से अपने प्यार का इजहार करते हैं। वेलेंटाइन डे अब एक त्यौहार की तरह मनाश जाने लगा है। वेलेंटाइन डे पश्चिम की देने है। भारत में लोगों को पहले वेलेंटाइन डे के बारे में ज्यादा पता नहीं था। लेकिन पिछले कुछ सालों से भारत में भी वेलेंटाइन डे काफी लोकप्रिय हो गया है। वेलेंटाइन सप्ताह की शुरूआत 7 फरवरी से ही हो जाती है।
7 फरवरी रोज डे: 7 फरवरी को रोज डे मनाया जाता है। रोज डे के दिन सभी लोग अपने प्यार, दोस्तों या अपने चहेतों को गुलाब का फूल भेंट करते हैं। इस तरीके से एक दूसरे को गुलाब का फूल भेंट कर अपने रिश्ते की शुरूआत करते हैं। दोस्तों को पीले रंग का गुलाब दिया जाता है। यदि आप किसी से प्यार करते हैं तो उसे लाल रंग का गुलाब देते हैं। यदि वह आपके गुलाब को सहर्ष स्विकार कर लेती है तो समझ लिजिए कि वह भी आपके साथ रिश्ता बढाने में रूचि रखती है।
8 फरवरी प्रपोज डे: 8 फरवरी को प्रपोज डे के रूप में मनाया जाता है। इस दिन लोग अपने प्यार का इजहार करते हैं। यदि आप भी किसी को पसंद करते हैं तो यह दिन आपके लिए बिल्कुल सही है। या आप किसी से दोस्ती करना चाहते हैं तो भी आप इस दिन अपनी भावनाऔं को सामने वाले तक पहुंचा सकते हैं। यदि आप किसी को पसंद करते है तो यह सही दिन है। इस दिन आप अपनी प्यार और दोस्ती की भावनाओं को उस तक पहुंचाएं। इस दिन आप उसे बताएं कि आपके जीवन में उसका क्या स्थान है।
9 फरवरी चॉकलेट डे: इस दिन चॉकलेट डे मनाया जाता है। चॉकलेट डे के दिन अपने दिन कील शुरूआत मीठे से करें। साथ ही अपने दोस्तों और अपने प्यार को चॉकलेट देकर अपने रिश्ते में मिठास घोलनी चाहिए। कहते हैं चॉकलेट से मीठा कुछ भी नहीं होता। साथ ही यह भी कहते हैं कि मीठा खाने से प्यार बढता है। तो आप भी अपने दोस्तों और प्यार को चॉकलेट देकर अपने रिश्तों में मिठास घोल लिजिए और प्यार बढाइए।
10 फरवरी टेडी डे: चॉकलेट डे के बाद आता है टेडी डे। टेडी बहुत ही कोमल होता है। जब आप इस दिन अपने प्यार को टेडी गिफ्ट करेंगे तो आपके दिल की बात अपने आप ही आपके साथी तक पहुंच जाएगी। इस दिन आप अपने साथी को अचछा सा टेडी गिफ्ट करें और अपने रिश्ते को उतना ही कोमल पर मजबूत बनाएं जितना एक टेडी होता है।
11 फरवरी प्रॉमिस डे: इस दिन लोग प्यार में कसमें खाते हैं, जिंदगी भर साथ निभाने का प्रोमिस करते हैं। इस दिन को आप भी अपने प्यार के साथ यादगार बना सकते हैं। इस दिन आप अपने प्यार को कुछ वादे करें और उन्हें ताउम्र निभाने का भी वादा करें। इस दिन आप अपने प्यार से भसी कुछ वादे ले सकते हैं। जैसे कि आई प्रोमिस यू आई विल लव यू टिल द एंड ऑफ माई लाइफ आदि। इससे आपका प्यार और ज्यादा गहरा हो जाएगा। साथ ही आपकी पार्टनर भी आपको पहले से ज्यादा प्यार करने लगेगी।
12 फरवरी किस डे: यह दिन बहुत ही खास है और इसके लिए आप बाजार से अपने प्यार के लिए कुछ अच्छा सा गिफ्ट खरीद सकते हैं। इस दिन आप अपने प्यार को किस करके अपने प्यार की गहराई समझा सकते हैं। आप अपने पार्टनर के हाथ को अपने हाथों में लेकर अपने प्यार की गहराई समझाते हुए उसके हाथ पर अपना लव मार्क छोड सकते हैं। ऎसा करने से आपकी पार्टनर को बहुत अच्छा लगता है। ध्यान रहे कहीं आप भावुकता में कोई बदतमिजी न कर बैठे। इसलिए अपनी मर्यादा में रहकर ही व्यवहार करें।
13 फरवरी हग डे: इस दिन आप अपने पार्टनर को जादू की झप्पी देकर अपनी भावनाओं से अवगत करा सकते हैं। इस दिन आप अपने साथी को हग करके उसे बताए कि आपके दिल में उसकी क्या जगह है। गले लगाने परेशानियां कम हो जाती हैं। इसलिए आप भी अपने पार्टनर को जादू की झप्पी देकर उसे उसकी पसंद का कोई अच्छा सा गिफ्ट दें।
14 फरवरी वेलेंटाइन डे: यह दिन सभी युवकों और युवतियों के लिए खस होता है। इस दिन आप अपने दिल की बात खुलकर कह सकते हैं। यदि आप अब तक अपने साथी को जिसे आप चाहते हैं उसे अपने दिल की बात नहीं कह पाएं है तो इस दिन अपने दिल की बात जरूर कहें। इस दिन अपने प्यार का इजहार जरूर करें और उसे एक अच्छा सा गिफ्ट जरूर दें। यदि उसके दिल में भी आपके लिए कुछ ऎसी ही भावनाएं हैं जैसी आपके मन में है तो वह आपको मना नहीं कर पाएंगी। मैने भी इसी दिन अपने प्यार का इजहार करते हुए अपनी प्रेमिका को कहा था कि विल यू बी माई वेलेंटाइन और उसने हां कर दी आज वह मेरी पार्टनर मेरी लाइफ पार्टनर बन चुकी है। तो आप भी अपने प्यार का इजहार करें। इस पूरे सप्ताह को आप अपने साथी के साथ मिलकर यादगार बनाएं । रोज डे से लेकर वेलेंटाइन डे तक हर दिन आपका खास दिन होगा। पूरे सप्ताह को अपनी जिंदगी का हसीन और यादगार सप्ताह बना लें।
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ (Atom)